What is Capital Gains tax in Hindi? | कैपिटल गेन टैक्स क्या है?और इसमें छूट कैसे पाएं?

What is Capital Gains tax in Hindi?- करदाता के रूप में आप कैपिटल गेन टैक्स को बचाने के बारे में जरूर सोचते होंगे हम सभी जानते है की इक्विटी इंवेस्टमेंट पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर कर देना होता है। इसलिए इस बात को जानना भी बहुत जरूरी है आप कैपिटल गेन टैक्स को कैसे कम कर सकते है। आइए जानते है कि क्लियर टेक्स C E O अर्चित गुप्ता इस बारे में क्या बताते है। इससे पहले जानते है
कैपिटल गेन टैक्स क्या है?

 

What is Capital Gains tax in Hindi?(कैपिटल गेन टैक्स क्या है?)

आपकी सभी तरह की चल अथवा अचल संपत्ति से आपको मिलने वाले लाभ पर सरकार द्वार वसूलने वाले कर को लॉन्‍ग-टर्म या शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स कहते है।

नहीं समज आया तो कोई बात नहीं हम किस लिए है हमसे जानिए, आइए इसे आसान भाषा में समझते है। हर किसी के पास कूद का घर, जेवर, गाड़ी मोटर, यदि किसी कम्पनी के शेयर लिए हुए तो वो और यदि सरकारी बॉन्ड खरीदा है तो वो भी और आपकी सभी चल अचल सम्पत्ति जिसे आप खरीदते है और उसे बेचने से जो आपको मुनाफा होता है उसे ही अंग्रेजी भाषा में कैपिटल गेन कहते हैं।

Capital Gains

जैसे आपने एक जमीन खरीदी और कुछ साल बाद जमीन बेच दी अब आपको उस जमीन को बेच कर जो लाभ हुआ है बस उसमे से सरकार अपना हिस्सा लेने के लिए एक टैक्स लगाती है वही तो है कैपिटल गेन टैक्स।

 

कैपिटल गेन कैसे बचाएं?

आज हम इस विषय पर आपको कुछ सुझाव देंगे जिसे आप अपने अनुसार उपयोग कर सकते है।

१ . हार्वेस्टिंग
फसल पकने पर उसे काट लेना यह एक प्राचीन और ज्यादातर उपयोग की जाने वाली इस पद्धत्ति का इस्तेमाल अपने मुनाफे को छूट की सीमा के भीतर रखने के लिए किया जाता है। अपने कुछ निवेश को तब ही बेच दें जब मुनाफा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के 1 लाख रुपए की सीमा के भीतर हो। आपको इस बात का ध्यान होना चाहिए कि, कुछ निवेश जैसे म्यूचल फंड मेंएग्जिट लोड लागू होता है। इसलिए आपको रिडम्पशन से पहले ही अपनी कुल आमदनी का आकलन कर लेना चाहिए।

२. नुक्सान सेट – अप करें
जब हम शेयर बाजार में निवेश करते है तो तो हमें नुक्सान भी होता है। इन नुक़्सानो को उसी वित्तीय वर्ष के कैपिटल गेन से सेट -अप कर लेना चाहिए यानि कहने का मतलब यह है की आपके घाटे को मुनाफे के साथ समयोजित कर दें। कोई भी बचा हुआ घटा अगले आने वाले आठ वर्षों तक कैरी -फारवर्ड किया जा सकता है।

३. ग्रांडफारडरिंग क्लॉज
2018 में सरकार ने इक्विटी की बिक्री से हुए एक लाख रूपये से अधिक के मुनाफे पर पर कैपिटल गेन टैक्स लागू किया था। ग्रांडफारडरिंग क्लॉज इसलिए शुरू किया गया ताकि जो मुनाफा टैक्स के लागु होने पर पहले हुआ उन्हे सुरक्षित किया जा सके।
यदि आपने 1 फरवरी 2018 से पहले इक्विटी में निवेश किया है तो आप आयकर अधिनियम में ग्रांडफारडरिंग क्लॉज का लाभ ले सकते है। इसके मुताबिक 31 जनवरी 2018 से आपके रिडम्पशन की तारीख तक हुए मुनाफे ही कर योग्य होंगे।

४. कैपिटल गेन छूट का दवा
आयकर अधिनियम करदाता को कैपिटल गेन पर छूट का दवा करने की ानीमती देता है। धरा 45 E C के मुताबिक करदाता भूमि या भवन जैसी अचल संपत्ति में निवेश से प्राप्त हुए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन की छूट का दवा करने के लिए कैपिटल गेन बॉन्ड्स में निवेश कर सकता है। हलाकि इस बॉन्ड्स में 5 वर्षों का लॉकिंग पीरियड होता हैं औरइन पर लगभग 5 % का ब्याज मिलता है। इस लिए निवेशक को इस बात का मूल्यांकन कर लेना चाहिए की ऐसे कम रिटर्न वाले लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट उनके लिए ठीक है या नहीं।

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मुझे उम्मीद है कैपिटल गेन टैक्स क्या है? और इसमें छूट कैसे पाएं संबंधी जानकारी आपको पसंद आई होगी।

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